बैठक को हल्के में लेना पड़ा भारी, 11 अफसरों का रुका वेतन

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3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण; लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी

लखीमपुर खीरी। सरकारी बैठकों को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। ‘जिला उद्योग बंधु’ की महत्वपूर्ण बैठक से गैरहाजिर रहने वाले 11 जिला स्तरीय अधिकारियों और कार्मिकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीएम की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

बीती 28 अप्रैल 2026 को जिला उद्योग बंधु, एमओयू कार्यान्वयन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जब डीएम सभागार में पहुंचे, तो कई जिम्मेदार अफसरों की कुर्सियां खाली मिलीं। उद्यमियों की समस्याओं पर सार्थक चर्चा न हो पाने और अधिकारियों की इस गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई।

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डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण महत्वपूर्ण प्रकरणों पर चर्चा नहीं हो सकी, जो कि अक्षम्य है। उन्होंने ‘नो वर्क-नो पे’ के सिद्धांत का हवाला देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे तीन कार्य दिवसों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि उक्त तिथि का उनका वेतन क्यों न काट लिया जाए।

डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि शासन स्तर पर इन बैठकों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाता है। अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अधिकारी ही नदारद रहेंगे, तो उद्यमियों और जनता की समस्याओं का निस्तारण कैसे होगा?” डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी आदेश की प्रति भेजकर निर्देशित किया है कि अगले आदेश तक इन अधिकारियों का संबंधित तिथि का वेतन आहरित न किया जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

डीसी-एनआरएलएम, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम (नोडल), वरिष्ठ निरीक्षक, विधिक बांट माप विभाग, सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा विभाग, पर्यटन अधिकारी, प्रबंधक-आरसेटी, उप संभागीय विपणन अधिकारी,परियोजना अधिकारी (डूडा), जिला प्रोबेशन अधिकारी शामिल हैं।

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