मऊ। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, कुशीनगर, देवरिया, बलिया , मऊ, गोरखपुर, महराजगंज सहित 17 जनपदों में अधिकांश भड़भुजा /कहार जाति लोगो के द्वारा कूत्ट रचित दस्तावेजो के आधार पर राजस्व कर्मचारियों को अपने आपराधिक साजिस में लेकर अनुसूचित जन जाति के गोंड विरादरी का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर सरकारी नौकारियों में लाभ लिया जा रहा है। गोंड विरादरी के लिए राजज्ञा के माध्यम से जारी हुए आरक्षण को यहां के गोड़ विरादरी के लोगो के द्वारा हड़पा जा रहा है । कई लोग इस फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे है । शिकायतों का जिला जातीय सत्यता समिति निस्तारण करने में जानबूझकर देरी कर रही है ।
विभागीय सूत्रों के अनुसार मऊ, आजमगढ़, बलिया, देवरिया, गाजीपुर आदि जनपदों के अधिकांश कहार / भड़भुजा विरादरी के लोगो के द्वारा कूट रचित दस्तावेजो के मदबीम से राजस्व कर्मचारियों को अपनी आपराधिक साजिस में लेकर अनुसूचित जनजाती के गोंड विरादरी का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर सरकारी नौकरिया हड़पी गी है और आज भी हड़पी जा रही है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र परनौकरी करने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी /अध्यक्ष जाति सत्यता समिति तक पहुंची शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी मऊ द्वारा जानबूझकर समझकल्याण अधिकारी की मिली भगत से संज्ञान नहीं लिया जा रहा है ।
मऊ में लेखपाल, तहसीलदार, सिपाही ग्राम पंचायत अधिकारी, क्लर्क आदि तक के पड़ पर कहार विरादरी के लोगो के द्वारा कूट रचित दस्तावेजो के माध्यम से राजस्व कर्मचारियों से मिलकर अनुसूचित जन जाति के गोंड विरादरी का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरिया की जा रही है । जिलाधिकारी आदि द्वारा शिकायतों का जानबूझकर संज्ञान नहीं लिया जा रहा है । तहसील मधुबन के हैबतपुर गान के उपेंद्र कुमार, तहसील सदर के इटइली ग्राम पंचायत के संजय प्रसाद मंजय आदि के खिलाफ पड़ी शिकायते जिलाधिकारी मऊ के द्वारा की जा रही अनदेखी के एक उदाहरण मात्र है ।
देवरिया, बलिया आदि जनपदो के कहार / भड़भुजा विरादरी के लोगो को गोंड बनकर फर्जी अनुसूचित जनजाती का प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी में पब्लिक सेर्विस कमिशन से चयन के बाद स्वजातीयों से माँला पहनने की खबरों में कितनी सच्चाई है? खरी दुनिया की पड़ताल जारी है। जल्द ही प्रमाणको के साथ सच्चाई के खुलासे की उम्मीद है।
कई राजनितिक दल भी आपराधिक कृत्यो को दे रहे संरक्षण
राजनितिक पार्टियां भी गोड़ विरादरी के लोगो के इस आपराधिक कृत्यो को संरक्षण दे रही है। तो ये फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनने केबाद अधिकांश गोड़,गोंड बनकर सांगठन बनाकर स्थानीय स्तर पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी कर रहे लोगो से चंदा लेकर धरना प्रदर्शन के माध्यम से राजज्ञा का खुलेआम विरोध कर रहे है ।








