मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में महाराष्ट्र सरकार का वर्ष २०२६-२७ का बजट पेश करते समय सूबे के किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की है। साथ ही जो किसान नियमित कर्ज भरते हैं, उन्हें ५० हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विधानसभा में महाराष्ट्र का बजट पेश करते हुए इसे पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के किसानों को कर्जमाफी का आश्वासन दिया था। इसी वजह से आज राज्य के किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 सितंबर, 2025 तक जिन किसानों का कर्ज दो लाख रुपये तक बकाया होगा, उन किसानों को अहिल्याबाई होल्कर किसान कर्जमाफी योजना का लाभ मिलेगा और उनका कर्ज माफ किया जाएगा। साथ ही जिन किसानों ने नियमित कर्ज भरा है, उन्हें सरकार की ओर से ५० हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस लोन माफी स्कीम के तहत 2 लाख रुपये तक के लोन माफ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने खेती और ग्रामीण विकास पर फोकस करते हुए कई अहम ऐलान किए। राज्य के आर्थिक विकास के साथ-साथ इस बजट में किसानों और ग्रामीण इलाकों को मजबूत बनाने पर खास जोर दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना का फायदा अब खेत मजदूरों को भी दिया जाएगा। इस फैसले से खेत मजदूरों को भी एक्सीडेंट होने पर फाइनेंशियल सुरक्षा मिलेगी और ग्रामीण परिवारों को बड़ा सहारा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लंबे समय का लक्ष्य तय किया है। साल 2047 तक राज्य की एग्रीकल्चर जीडीपी को $55 बिलियन से बढ़ाकर $500 बिलियन करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का इरादा किसानों को केंद्र में रखते हुए एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स के लिए इंटरनेशनल मार्केट देने के लिए 10 से 15 मुख्य फसलों के लिए एक इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन बनाने का है। सरकार डिजिटल सिस्टम को मज़बूत करने पर भी ध्यान दे रही है ताकि किसान अलग-अलग सरकारी सर्विसेज़ आसानी से एक्सेस कर सकें।










