वाराणसी में अनधिकृत निर्माण मामले में हाईकोर्ट ने दी राहत, कंपाउंडिंग का रास्ता खुला

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प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी के सियाराम को बड़ी राहत देते हुए फिलहाल निर्माण गिराए जाने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।

वाराणसी के ग्राम सुसुवानी (जंगमपुर), थाना चितईपुर स्थित प्लॉट नंबर 2077 पर सियाराम द्वारा किए गए निर्माण को वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अनधिकृत करार दिया था। प्राधिकरण ने 4 जून 2025 को नोटिस जारी किया था, जिस पर याचिकाकर्ता की आपत्ति को 16 अप्रैल 2026 को खारिज कर दिया गया। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

याची का कहना है कि यह भूमि वर्ष 2019 में वाराणसी विकास प्राधिकरण की सीमा में आई थी और निर्माण उससे पहले ही हो चुका था। उन्होंने 11 जुलाई 2000 की बिक्री विलेख पेश की, जिसमें जमीन खाली दर्शाई गई थी।

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न्यायालय ने माना कि निर्माण संभवतः 2000 से 2019 के बीच हुआ और बिना ग्राम पंचायत या नगर पंचायत की अनुमति के होने के कारण यह अनधिकृत है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल निर्माण नहीं गिराया जाएगा, बशर्ते याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर प्राधिकरण के समक्ष कंपाउंडिंग आवेदन दाखिल करे। प्राधिकरण को उक्त आवेदन पर तीन माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझाने का मार्ग प्रशस्त किया।

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