नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की मणिपुर में हिंसा भड़काने के लिए उकसाने संबंधी आडियो क्लिप की जांच करने के लिए आवाज के नमूने लेने पर विचार किया है।
कोर्ट ने साेमवार काे इस बात पर चिंता जताई कि 48 मिनट की आडियो क्लिप मूल आवाज के नमूने से काटकर दाखिल की गई है। इसके पहले अगस्त, 2025 में कोर्ट ने एनएफएसयू को आडियो क्लिप की सत्यता की पड़ताल करने का निर्देश दिया था। गुजरात स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल आडियो क्लिप को संपादित बताते हुए कहा है कि इसकी मौलिकता पर कोई निष्कर्ष निकालना मुश्किल है। उसके बाद जस्टिस संजय कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने पूछा कि आडियो क्लिप को वेरिफाई करने के लिए क्या एन. बिरेन सिंह के आवाज के नमूने लिए जा सकते हैं।
उत्तर-पूर्व राज्य मणिपुर में मई, 2023 में जातीय हिंसा शुरु हुई थी। यह याचिका कुकी आर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राईट्स ट्रस्ट ने दायर की है। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने मणिपुर की हिंसा में एन. बीरेन सिंह की भूमिका की जांच की मांग की थी। प्रशांत भूषण ने इस आडियो क्लिप को काफी गंभीर बताते हुए कहा था कि इस आडियो क्लिप में एन. बीरेन सिंह को ये कहते हुए सुना जा रहा है कि मैतेई समूह को राज्य सरकार के हथियार और गोला-बारुद लूटने की अनुमति दी गई थी।








