फ्रांस फीफा विश्व कप जीतने का सबसे बड़ा दावेदार, सुनील छेत्री ने बताया क्यों मजबूत है लेस ब्लूज़

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नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री ने फीफा विश्व कप 2026 के लिए फ्रांस को सबसे प्रबल दावेदार बताया है। मोरक्को के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले छेत्री ने कहा कि फ्रांस के पास ऐसी गुणवत्ता और गहराई (स्क्वॉड डेप्थ) है, जिसकी बराबरी दुनिया की बहुत कम टीमें कर सकती हैं।

जी5 के फीफा विश्व कप 2026 के प्रसारण से जुड़े विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा बने सुनील छेत्री ने कहा, “फ्रांस के खिलाफ कौन दांव लगाएगा? उनके पास रफ्तार, फिटनेस, अनुभव, खिताब जीतने का इतिहास और शानदार स्क्वॉड डेप्थ है। अगर एक स्टार खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होता, तो उसकी जगह दूसरा विश्वस्तरीय खिलाड़ी उतर जाता है। दुनिया की बहुत कम टीमों के पास हर पोजीशन पर इतनी मजबूती है।”

उन्होंने कहा कि फ्रांस की ताकत सिर्फ उसकी शुरुआती एकादश तक सीमित नहीं है, बल्कि बेंच पर बैठे खिलाड़ी भी किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। छेत्री के मुताबिक, फ्रांस लगातार बड़े टूर्नामेंटों में बेहतरीन प्रदर्शन करता आया है और मौजूदा टीम में कमजोरी तलाशना बेहद मुश्किल है।

चार साल बाद फिर आमने-सामने फ्रांस और मोरक्को

फ्रांस और मोरक्को की टीमें चार साल बाद एक बार फिर फीफा विश्व कप में आमने-सामने होंगी। 2022 विश्व कप के सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर उसके ऐतिहासिक सफर का अंत किया था। अब मोरक्को उस हार का बदला लेकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, जबकि फ्रांस खिताब की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाना चाहेगा।

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रोमांचक रणनीतिक मुकाबले की उम्मीद

मोरक्को ने इस टूर्नामेंट में अपनी मजबूत रक्षापंक्ति, अनुशासित खेल और तेज़ जवाबी हमलों से सभी को प्रभावित किया है। वहीं फ्रांस ने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा सितारों के बेहतरीन संतुलन के दम पर खुद को सबसे मजबूत टीमों में शामिल किया है।

क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के अधिकतर समय गेंद पर कब्जा बनाए रखने की उम्मीद है, जबकि मोरक्को दबाव झेलने के बाद तेज़ काउंटर अटैक के जरिए मौका तलाशेगा। दोनों टीमों के पास हवाई गेंदों पर मजबूत खिलाड़ी हैं, इसलिए सेट-पीस भी मैच का निर्णायक पहलू साबित हो सकते हैं।

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