एसआईआर को लेकर तृणमूल का प्रदर्शन, भाजपा पर साधा निशाना

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कोलकाता। मतदाता सूची से 60 लाख नाम हटाए जाने और लगभग 60 लाख नामों को ‘विचाराधीन’ रखे जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही मुखर रही है। इसी क्रम में एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में शुक्रवार को कोलकाता के धर्मतला स्थित मेट्रो चैनल पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठीं। उसी मंच से तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बैनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा निशाना साधा।

धर्मतला के धरना मंच से अभिषेक बनर्जी ने कहा कि चोरी करके चुनाव जीतने के लिए ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ के नाम पर एक करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश को बीएलए-दो ने पकड़ लिया है। ‘विचाराधीन’ रहने को लेकर हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि 60 लाख लोगों के नाम विचाराधीन हो सकते हैं, तो देश के प्रधानमंत्री का नाम भी विचाराधीन होना चाहिए। हमारी मुख्यमंत्री ही देश की एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने एक सामान्य नागरिक के रूप में सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर कर संघर्ष किया है। किसी अन्य राज्य के मुख्यमंत्री या किसी केंद्रीय मंत्री को देश की जनता ने इस प्रकार अदालत में लड़ते नहीं देखा है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान ज्ञानेश कुमार ने उन्हें तर्जनी दिखाकर बात की थी। इस पर हमने स्पष्ट कहा कि आप मनोनीत हैं और हम जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। हमें उंगली दिखाने से कोई लाभ नहीं होगा।

राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में यह धरना आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद, विधायक और राज्य सरकार के मंत्री भी उपस्थित रहे। मतदाता सूची से नाम काटे जाने, एसआईआर के नाम पर कथित उत्पीड़न तथा सुनवाई से लेकर ‘एडजुडिकेशन’ की सूची में नाम रहने जैसे कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही हैं।

इन्हीं सभी मुद्दों के विरोध में शुक्रवार को मेट्रो चैनल पर यह धरना शुरू हुआ। इस दौरान ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों ने ही भाजपा को निशाने पर लिया। अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में पाई गई सभी गड़बड़ियों से संबंधित तथ्यों को अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

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