चेन्नई। तमिलनाडु के प्रभारी राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर आज चेन्नई पहुंचने वाले हैं। ऐसे में सरकार गठन को लेकर उनके सामने दो विकल्प हो सकते हैं। राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के अध्यक्ष विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा जा सकता है।
इसी बीच, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटों पर जीत हासिल करने के बाद सरकार गठन के लिए आमंत्रण देने की मांग करते हुए टीवीके अध्यक्ष विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को ईमेल भेजा है। जिसमें कहा गया है कि वह 2 सप्ताह के भीतर बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं। उम्मीद की जा रही है कि राज्यपाल जल्द ही इस पत्र का जवाब देंगे।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने 59 वर्षों से चली आ रही द्रविड़ पार्टियों के प्रभुत्व को समाप्त करने वाला माहौल बना दिया है। अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्रि कझगम ने अपने पहले ही चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी पूर्ण बहुमत पाने में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। तमिलनाडु की कुल 234 विधानसभा सीटों में से सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 118 सीटों की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान स्थिति में टीवीके केवल 108 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई है।
विजय को देना होगा इस्तीफा
टीवीके प्रमुख विजय ने जिन दो सीटों — पेरंबूर और तिरुची ईस्ट — से चुनाव लड़ा था, दोनों में जीत हासिल की है। नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना होगा। साथ ही, पार्टी के किसी एक सदस्य को विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त करना होगा। चूंकि विश्वास मत के दौरान स्पीकर मतदान नहीं कर सकता, इसलिए टीवीके को बहुमत साबित करने के लिए अतिरिक्त 12 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
समर्थन को लेकर उम्मीदें
अकेले सरकार नहीं बना पाने की स्थिति में टीवीके को अन्य दलों का समर्थन लेना पड़ सकता है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, डीएमके गठबंधन में शामिल कांग्रेस (5 सीटें), दोनों कम्युनिस्ट पार्टियां (प्रत्येक 2 सीटें, कुल 4), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (2 सीटें), वीसीके (2 सीटें) और डीएमडीके (1 सीट) का समर्थन मिल सकता है।
वहीं एआईएडीएमके गठबंधन में शामिल पीएमके (4 सीटें), बीजेपी (1 सीट) और एएमएमके (1 सीट) का समर्थन भी संभव माना जा रहा है। यदि इन सभी दलों का समर्थन मिल जाता है तो टीवीके की ताकत 128 तक पहुंच जाएगी। हालांकि, सरकार बनाने के लिए टीवीके को केवल 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
तमिलनाडु के प्रभारी राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर के आज चेन्नई पहुंचने के बाद सरकार गठन को लेकर दो संभावित फैसले लिए जा सकते हैं। पहला, सबसे बड़ी पार्टी के नेता विजय को बुलाकर विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा जा सकता है। दूसरा, टीवीके को समर्थन देने वाले दलों के पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा जा सकता है और उसके आधार पर सरकार बनाने का अवसर दिया जा सकता है।
अगर टीवीके बहुमत साबित करने में विफल रहती है, तो अगली सबसे बड़ी पार्टी डीएमके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यदि वह भी बहुमत साबित नहीं कर पाती तो तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है। इसके बाद अगले 6 महीनों के भीतर फिर से विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।
तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में पहली बार गठबंधन सरकार बनेगी या फिर दोबारा चुनाव होंगे- यह अब राज्यपाल के फैसले और छोटी पार्टियों के रुख पर निर्भर करेगा।
फिलहाल टीवीके को बहुमत के लिए 12 अतिरिक्त सीटों की आवश्यकता है। इसलिए राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि डीएमके गठबंधन में शामिल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टियां, डीएमडीके तथा एआईएडीएमके गठबंधन में शामिल पीएमके विजय को समर्थन दे सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह तमिलनाडु के इतिहास की पहली गठबंधन सरकार होगी।









