देवघर। जिला पुलिस मुख्यालय में बुधवार को पुलिस अधीक्षक सौरव की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया। बैठक में न पुराने मामलों की समीक्षा के साथ ही जिले काे अपराध मुक्त बनाने के लिए कई कड़े और नए निर्णयों पर मुहर लगी। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का लक्ष्य अब केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाना और अपराध की जड़ पर प्रहार करना है।
बैठक में लिए गए फैसलों के तहत पिछले 05 वर्षों में संपत्ति मूलक अपराध, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (नशा) के मामलों में शामिल अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया गया है। इन अपराधियों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है जिसमें श्रेणी ए (अत्यधिक सक्रिय) के अपराधियों को हर सप्ताह पुलिस की ओर से फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा।
वहीं श्रेणी बी के अपराधियों को हर 15 दिन में सत्यापन कराने और सी श्रेणी वाले अपराधियों का मासिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं पुलिस की टीमें अब सीधे अपराधियों के घर जाकर उनकी उपस्थिति की जांच करेंगी।
इसके अलावा साइबर अपराध के विरुद्ध पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का खाका तैयार किया है। एसपी ने बताया कि 08 चिन्हित साइबर अपराधियों की संपत्ति ज़ब्ती के लिए न्यायालय में रिपोर्ट भेज दी गई है। इसके अलावा, सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय साइबर अपराधियों को चिन्हित कर उनकी अवैध संपत्ति का ब्यौरा तैयार करें ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सके।
साथ ही निकट आ रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर सुरक्षा और सुगमता की समीक्षा की गई। वहीं जिले में बढ़ते नशे (ब्राउन शुगर) के चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए एसपी ने बताया कि हाल ही में बड़ी खेप पकड़ी गई है और कई सप्लायर पुलिस के रडार पर हैं।








