इवेंट मैनेजर के दोनों अंगूठे काटने वाला फरार आरोपित छह साल बाद गिरफ्तार

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने छह साल पुराने सनसनीखेज अंगूठा काटने और लूटपाट के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान 70 वर्षीय ब्रह्मदेव भगत के रूप में हुई है, जो वर्ष 2020 से फरार चल रहा था। अदालत ने उसे दिसंबर 2025 में भगोड़ा घोषित कर दिया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे बिहार के पूर्णिया से गिरफ्तार किया।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने सोमवार को बताया कि, यह मामला 17 मार्च 2020 का है। पीड़ित सुरिंदर नंदा पेशे से इवेंट मैनेजर हैं। उस दिन उन्हें एक बड़े पार्टी ऑर्डर की बुकिंग के लिए फोन आया था। उसी दिन उनका पटेल नगर में डॉक्टर के पास अपॉइंटमेंट था, इसलिए उन्होंने अपने मैनेजर कपिल चड्ढा को ग्राहक से मिलने के लिए भेज दिया। कपिल चड्ढा को फोन करने वाले व्यक्ति ने द्वारका सेक्टर-23 में मिलने के लिए बुलाया। वहां पहुंचने पर मौजूद लोगों ने कहा कि वे सीधे सुरिंदर नंदा से ही बात करेंगे। इसके बाद कपिल ने सुरिंदर को मौके पर बुला लिया।

रात करीब आठ बजे सुरिंदर नंदा अपने ड्राइवर रमेश के साथ इनोवा कार से द्वारका पहुंचे। सेक्टर-23 में प्राइवेट बैंक और सीएनजी पंप के पास एक मारुति कार ने उन्हें रास्ता दिखाया और एक मकान तक पहुंचाया। वहां पहुंचने पर सुरिंदर ने देखा कि अंदर उनका पुराना सब्जी सप्लायर ब्रह्मदेव भगत अपने तीन साथियों के साथ मौजूद था।

घर में घुसते ही डंडों से हमला

पुलिस के अनुसार, जैसे ही सुरिंदर नंदा घर के अंदर पहुंचे, आरोपितों ने उन पर डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान एक आरोपित ने चाकू की नोक पर उनकी हीरे की अंगूठी छीन ली और पर्स में रखे 27 हजार रुपये भी लूट लिए। आरोप है कि ब्रह्मदेव भगत ने जान से मारने की धमकी देकर सुरिंदर से जबरन कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। इन दस्तावेजों में 11 लाख रुपये की कथित सब्जी उधारी का जिक्र था, जबकि पीड़ित के अनुसार ऐसा कोई बकाया नहीं था। वारदात का सबसे खौफनाक हिस्सा तब सामने आया जब आरोपित ब्रह्मदेव भगत ने चाकू से सुरिंदर नंदा के दोनों अंगूठे काट दिए। गंभीर रूप से घायल हालत में आरोपित उन्हें और उनके मैनेजर को छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद सुरिंदर नंदा किसी तरह दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचे, जहां से पुलिस को सूचना दी गई।

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मामले में द्वारका सेक्टर-23 थाने में लूट, बंधक बनाने, जान से मारने की धमकी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान स्थानीय पुलिस ने तीन आरोपित जितेंद्र, अमरदीप और गौतम को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपित ब्रह्मदेव भगत लगातार फरार चल रहा था।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट आरोपित की तलाश में लगातार जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपित की लोकेशन ट्रेस की। 15 मई को सूचना मिली कि ब्रह्मदेव भगत बिहार के पूर्णिया में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। फिलहाल आरोपित के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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