मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल सबसे महंगा, माकपा ने करों में कटौती की मांग उठाई

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भोपाल। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम होने के बावजूद यहां पेट्रोल और डीजल सबसे महंगा बिक रहा है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 1.52 लाख रुपये के करीब है, जबकि पेट्रोल 110.74 रुपये और डीजल 95.08 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इसके विपरीत उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय अधिक होने के बावजूद पेट्रोल 97.72 रुपये और डीजल 90.25 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इस हिसाब से मध्यप्रदेश की जनता को पेट्रोल पर 13 रुपये से अधिक और डीजल पर करीब 4 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।

माकपा नेता ने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में प्रति व्यक्ति आय मध्यप्रदेश से अधिक है, लेकिन वहां ईंधन की कीमतें कम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में ऊंचे करों के कारण आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जसविंदर सिंह ने कहा कि सभी पड़ोसी राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल महंगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य भाजपा शासित राज्य सस्ता ईंधन उपलब्ध करा सकते हैं, तो मध्यप्रदेश की जनता को महंगा पेट्रोल-डीजल क्यों खरीदना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहता, बल्कि महंगाई भी बढ़ती है, जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ती है।

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माकपा ने राज्य सरकार से पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए करों में कटौती कर कीमतें कम करने की मांग की है।

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