फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद फिरोजाबाद में मासूम बालक आरव की जमीन पर पटक – पटक कर हत्या करने के मामले में घटना के महज एक माह 9 दिन बाद न्यायालय ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपित रिश्ते के चाचा विराज उर्फ जितेंद्र को दोषी करार किया है। सजा पर फैसला शुक्रवार को होगा।
थाना अरांव क्षेत्र में रहने वाली रति की ससुराल बदायूं जनपद में है। महिला का अपने पति से विवाद चल रहा था, इस कारण वह कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। 30 मई को रति अपने डेढ़ वर्षीय बेटे आरव के साथ थाना शिकोहाबाद क्षेत्र अन्तर्गत अपने एक रिश्तेदार के यहां थी, तभी महिला के रिश्ते का देवर विराज उर्फ जितेंद्र वहां पहुंच गया। विराज टॉफी दिलाने के बहाने बच्चे को अपने साथ ले गया और रास्ते में मासूम आरव की जमीन पर पटक – पटक कर जघन्य हत्या कर दी थी। हत्या के बाद मासूम के शव को नाली में फेंककर आरोपित भाग गया था। महिला का आरोप था कि हत्यारोपित विराज उससे शादी करने का दवाब बना रहा था। इसी के चलते उसने उसके मासूम बेटे की हत्या की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसी रात हत्यारोपित विराज उर्फ जितेन्द्र पुत्र विजेन्द्र पाल निवासी शेखूपुर थाना सिविल लाइन जनपद बदायूं को मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जांचोपरांत महज 6 दिन में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ बब्बू सारंग की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि न्यायालय में 13 गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय में पेश किए गए।
न्यायालय ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपित विराज उर्फ जितेंद्र को दोषी करार किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोषी विराज उर्फ जितेंद्र को सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। न्यायालय ने सजा पर फैसला सुरक्षित किया है।








