मेष में मंगल का प्रवेश: 41 दिनों तक बढ़ेगा पराक्रम, साथ ही बदलाव और सतर्कता के संकेत

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ग्वालियर। पंचांग की गणना के अनुसार 11 मई को दोपहर 12:39 बजे मंगल अपनी ही राशि मेष में प्रवेश करेंगे और 20 जून तक यहां रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में यह स्थिति विशेष मानी जाती है, क्योंकि मंगल का स्वगृही होना ऊर्जा, निर्णय क्षमता और नेतृत्व को मजबूत करता है, लेकिन इस बार यह गोचर सिर्फ व्यक्तिगत स्तर तक सीमित न रहकर देश-दुनिया के हालात पर भी असर डाल सकता है।

ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि यह समय विकास और संघर्ष दोनों का मिश्रण लेकर आएगा। जहां एक ओर भूमि, भवन और निर्माण से जुड़े क्षेत्रों में तेजी देखने को मिलेगी, वहीं आगजनी और तकनीकी दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई जा रही है।

इस संबंध में आचार्य भरत दुबे का कहना है कि “मंगल को पद, प्रतिष्ठा, पराक्रम, सेना, भूमि और वाहन का कारक ग्रह माना गया है, जब यह अपनी ही राशि में आता है तो इन क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देता है, लेकिन यह गोचर कुछ प्राकृतिक असंतुलन भी ला सकता है; जैसे आगजनी या विमान संबंधी घटनाएं। साथ ही निर्माण कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी देखने को मिलेगी।”

वे आगे कहते हैं कि ग्रहों की स्थिति के अनुसार परिणाम व्यक्ति और स्थान के अनुसार अलग-अलग होंगे, इसलिए सतर्कता जरूरी है। वहीं, पं. बृजेशचंद्र दुबे के अनुसार, “इस बार मंगल का गोचर और भी खास इसलिए है क्योंकि सूर्य और बुध पहले से मेष में हैं। मंगल के प्रवेश से त्रिग्रही युति बनेगी, जो बड़े स्तर पर बदलाव का संकेत है। यह युति कुछ क्षेत्रों में शांति वार्ता को सफल बना सकती है, वहीं कुछ जगहों पर तनाव भी बढ़ा सकती है।”

इनके अलावा पंडित राजेश चौबे इस गृह परिवर्तन को ऊर्जा विस्फोट के रूप में देख रहे हैं, उन्होंने बताया कि “मेष में मंगल का प्रवेश ऊर्जा का विस्फोट है। यह समय लोगों को जोखिम लेने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा, किंतु जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। खासतौर पर युवाओं और प्रशासनिक वर्ग को संतुलन बनाए रखने की जरूरत है।”

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मंगल को शासन और प्रशासन का ग्रह माना जाता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान प्रशासनिक फेरबदल और राजनीतिक पद परिवर्तन की संभावना मजबूत हो रही है। राज्यों में सरकारी मशीनरी में बदलाव और नए फैसलों की शुरुआत हो सकती है, जो भविष्य में बड़े परिणाम देंगे।

इसके साथ ही इन तीनों ही ज्योतिषार्चों ने एक मत से कहा है कि 12 राशियों पर इसका प्रभाव कुछ इस तरह से रहनेवाला है। मेष राशि में आत्मविश्वास और सफलता में वृद्धि होगी। वृषभ के लिए संपत्ति निवेश में तेजी होगी। मिथुन राशि वालों का नई योजनाओं में भागीदारी के संकेत है। कर्क के लिए सावधानी जरूरी है। सिंह राशि वालों को नए अवसर मिलेंगे। कन्या के लिए सुझाव कि गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। तुला राशि के लिए इस परिवर्तन में साझेदारी में लाभ दिख रहा है। वृश्चिक राशि वाले सोच-समझकर निर्णय लें। धनु के लिए कृषि और भूमि से लाभ दर्शा रहा है। मकर राशि वालों के जीवन में सम्मान और पद प्राप्ति के योग बना रहा है। कुंभ में आकस्मिक लाभ होने के साथ ही मीन राशि वालों के लिए यह परिवर्तन मानसिक राहत और ऋण मुक्ति के संकेत हैं।

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