मऊ। नगर विकास व ऊर्जा मंत्री के गृह जनपद में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार सर चढ़ कर बोल रहा हैँ। बिजली बिभाग के एसडीओ द्वारा वसूली के ऑडियो को सार्वजनिक होने पर भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेन्स की नीति का हवाला देते हुए एसडीओ पर कार्यवाही को हफ्ते भर भी बिता नहीं कि कोपागंज कसारा मार्ग के की मरम्मत, चौणीकारण व सुदृढ़ीकरण को 7 माह में 5.5 किमी लम्बी सड़क पर दो बार में अलग अलग कार्यों के लिए स्वीकृत करीब 11करोंङ की धनराशि को अविधिपूर्ण तरीके से खपाए जाने का विभाग और ठीकेदार पर आरोप सार्वजनिक हैँ।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कोपागंज कसारा मार्ग के मरम्मत, चौनिकारण और सुदृढ़ीकरण के लिए शासन से मिले करीब इग्यारह करोड़ रूपये की बंदरबाँट को लेकर बिना टेंडर प्रकाशित कराये कार्य कराने के आरोप लग रहे हैँ। निर्माण विभाग की इस कार्यप्रणाली से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। क्षेत्र के देवप्रकाश राय, जितेंद्र गोयल, उजागिर और लालसा प्रसाद आदि ने बताया कि कसारा में मऊ-मधुबन मार्ग पर जिले का मेडिकल कॉलेज बन रहा है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है।
अमर उजाला के अनुसार कोपागंज से कसारा तक 5.5 किमी लंबी सड़क बीते नौ वर्षों से बदहाल है। सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड ने वर्ष 2021 से लगातार चार बार प्रस्ताव भेजा था। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने भी आठ बार विभाग को पत्र लिखा, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। निर्माण खंड ने पांचवीं बार 26 मार्च 2025 को पुनः प्रस्ताव भेजा और मंत्री ने नौवीं बार पत्र लिखा, जिस पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए मंजूरी मिली। इससे पहले 27 सितंबर 2025 को इसी सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 1.54 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। बाद में नए प्रस्ताव के तहत चौड़ीकरण के लिए 9.49 करोड़ रुपये मार्च माह में आवंटित किए गए।
विभागीय अधिकारियों ने टेंडर होने के बाद काम शुरू करने और विशेष मरम्मत के लिए स्वीकृत 1.54 करोड़ रुपये शासन को लौटाने की बात कही थी, लेकिन टेंडर हुए बिना ही कार्य शुरू कर दिया गया। सड़क वर्तमान में 3.75 मीटर चौड़ी है, जिसे बढ़ाकर 5.5 मीटर किया जाना है।
क्या कहते हैँ अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड मऊ?
सड़क पर गड्ढे बन गए हैं, जिसके चलते आवागमन में परेशानी हो रही है। वर्तमान में सड़क की मरम्मत कराई जा रही है ताकि चलने लायक हो जाए। टेंडर होने के बाद चौड़ीकरण का काम शुरू होगा। -राकेश कुमार,








