गाजीपुर में नकली इंजन ऑयल फैक्ट्री का भंडाफोड़, 700 लीटर तेल समेत दो गिरफ्तार

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नई दिल्ली। राजधानी में नकली ऑटो पार्ट्स और उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने गाजीपुर इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली इंजन ऑयल बनाने वाली यूनिट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से करीब 700 लीटर नकली इंजन ऑयल, भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री और मशीनरी बरामद करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने रविवार को बताया कि यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच (ईआर-II) की टीम ने 16 अप्रैल को गाजीपुर के गढ़ोली गांव में छापेमारी कर की। मामले में एफआईआर नंबर 88/26 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 52 वर्षीय राकेश कुमार छाबड़ा और 52 वर्षीय कुलदीप सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच में सामने आया है कि आरोपित लंबे समय से नामी कंपनियों के ब्रांड जैसे कैस्ट्रोल, यामाहा, हीरो और बजाज के नाम पर नकली इंजन ऑयल तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में बड़े स्तर पर नकली तेल तैयार कर पैक किया जा रहा है, जिसके बाद विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई।

छापे के दौरान पुलिस ने 28 कैन (प्रत्येक 20 लीटर) और 140 बोतल (प्रत्येक 1 लीटर) नकली इंजन ऑयल बरामद किया, जिसकी कुल मात्रा करीब 700 लीटर है। इसके अलावा एक ड्रम, बाल्टियां, चार फनल, मग, दो फिल्टर जाली, 550 से अधिक खाली बोतलें, विभिन्न ब्रांड के स्टीकर और कूपन, बारकोड सीलिंग कूपन तथा बोतल सीलिंग मशीन समेत अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपित सस्ते तेल को इकट्ठा कर उसे नामी ब्रांड के डिब्बों में भरते थे और असली जैसे पैकिंग कर बाजार में बेच देते थे। इससे न सिर्फ ग्राहकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि वाहनों के इंजन को भी गंभीर क्षति पहुंचने का खतरा था। पुलिस के मुताबिक, राकेश छाबड़ा पहले कपड़ों का कारोबार करता था, जो कोविड के दौरान बंद हो गया। इसके बाद वह इस अवैध धंधे में उतर गया। वहीं कुलदीप सिंह पहले ट्रक चालक था, लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण काम छोड़ने के बाद वह भी इस गिरोह से जुड़ गया। फिलहाल पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है और यह जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की नकली उत्पाद बनाने वाली यूनिट्स के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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