मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को राहत नहीं, हाई कोर्ट ने समन पर नहीं लगाई रोक

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नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उद्यमी रॉबर्ट वाड्रा को बतौर आरोपित समन जारी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने रॉबर्ड वाड्रा को कुछ सवालों के स्पष्टीकरण के लिए 18 मई को सुनवाई करने का आदेश दिया है।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि वाड्रा ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में झूठी दलीलें दी हैं। हुसैन की इस सूचना के बाद कोर्ट ने वाड्रा से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने वाड्रा के खिलाफ जारी समन पर रोक लगने से इनकार करते हुए उन्हें 16 मई को ट्रायल कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 15 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को बतौर आरोपित समन जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इसके अलावा सत्यानंद याजी, केवल सिंह विर्क, मेसर्स स्काई लाईट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्काई लाईट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्काई लाईट रियल अर्थ इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स आर्टेक्स, मेसर्स नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स लंबोदर आर्ड एंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसजीवाई प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को समन जारी करने का आदेश दिया है।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी की ओर से पेश चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को समन जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सभी आरोपितों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 3 और 4 के तहत आरोपों पर संज्ञान लिया। कोर्ट ने 4 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। रॉबर्ट वाड्रा की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए।

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कोर्ट ने 2 अगस्त, 2025 को वाड्रा समेत सभी आरोपितों को समन जारी किया था। 17 जुलाई, 2025 को ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर भूमि से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें वाड्रा और 10 अन्य लोगों के नाम हैं। उनकी कंपनी, मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी शामिल है। ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी की 37.64 करोड़ की 43 संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जब्त की है।

इस मामले की शुरुआत 2008 में हुई थी। गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन का सौदा हुआ था। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढ़े तीन एकड़ जमीन मात्र साढ़े सात करोड़ रुपये में खरीदी थी। वाड्रा इस कंपनी में डायरेक्टर थे। यह जमीन ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से खरीदी गई थी। इस जमीन का मालिकाना हक सिर्फ 24 घंटे में ही वाड्रा की कंपनी के नाम पर हो गया। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने 2012 में वही जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। इससे कंपनी को बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ। इस मामले में 2018 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी।

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