मऊ। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा योजना के अंतर्गत प्रकाशित एटलस ऑफ रिवर्स इन उत्तर प्रदेश में भी सूचीबद्ध खड़िया नाले के पुनरोद्धार के लिए तैयारी का दौर है । मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित एक टीम के द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह नाला गाढ़ा ताल से तमसा नदी मे मिलता है ।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जनपद में प्रवाहित छोटी एवं सहायक नदियों के पुनरोद्धार एवं कायाकल्प के अंतर्गत गाढ़ा ताल से प्रभावित खड़िया नाला, जो आगे चलकर तमसा नदी में मिल जाता है, के पुनरोद्धार हेतु मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह नाला नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के अंतर्गत प्रकाशित एटलस ऑफ रिवर्स इन उत्तर प्रदेश में भी सूचीबद्ध है, जिससे इसके संरक्षण एवं पुनरोद्धार का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
निरीक्षण के दौरान सामाजिक वानिकी विभाग, मऊ के एसडीओ रामसूरत यादव जिला पंचायत राज विभाग के जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र, मनरेगा से प्रशांत राय, सिंचाई विभाग से उदय नाथ पाण्डेय तथा डॉ. हेमंत कुमार यादव जिला परियोजना अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। टीम द्वारा नाले की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह, गाद जमाव तथा कूड़ा-कचरा निस्तारण की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधानों से संवाद स्थापित कर उनके सुझाव एवं समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया। मुख्य विकास अधिकारी ने आश्वस्त किया कि खड़िया नाला के पुनरोद्धार एवं कायाकल्प के लिए शीघ्र ही एक प्रभावी, व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
खड़िया नाला के पुनरोद्धार से क्षेत्र में भूजल स्तर में सुधार, सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि, जलभराव की समस्या में कमी तथा जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह पहल न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण आजीविका एवं सतत विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।







