मऊ में बाप और जन्म तिथि को बदलकर गोण्डा में सिपाही की नौकारी हड़पने वाले राजन गोंड पर जाति भी बदलने का आरोप लग गया हैँ। राजन के पिता गुलाब ने एक जमीन के बैनामे में खुद को अनुसूचित जन जाति नहीं बताया हैँ ज़ब कि राजन ने सिपाही की नौकरी हड़पने के लिए खुद के द्वारा कूट रचित दस्तावेजो के माध्यम अनुसूचित जन जाति में सुचिबद्ध गोंड विरादरी का करार देकर राजस्व कर्मचारियों को अपनी आपराधिक साजिस में लेकर उनसे अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र बनवा कर सरकारी नौकरी हड़प ली हैँ।
राजन के गांव धरमपुर कैसायर के निवासी सुनील यादव ने राजन गोंड को पिछडी जाति में सुचिबद्ध कहार विरादरी का बताते हुए उसके ऊपर अनुसूचित जन जाति को मिले आरक्षण को कूट रचित दस्तावेजो के माध्यम से तथ्यों का छुपाव करते हुए संबंधित राजस्व कर्मचारियों से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर और उसको यह जानते हुए उनके द्वारा सरकारी अभिलेखों में लगाया जा रहा प्रमाण पत्र फर्जी हैँ, लगाकर और लगवा कर सरकरी नौकरी हड़पने का आरोप लगाया हैँ।
सुनील ने बताया की राजनीती की जाति प्रमाण पत्रों की जाँच के लिए जिला जाति सत्यता समिति कि ओर से गठित टीम को जाँच करने की जिम्मेदारी सौपी गई हैँ. लेकिन अभी तक जाँच अधिकारियो ने जाँच के बाबत कोई कार्यवाही नहीं की हैँ। जबकि जाति सत्यता समिति के द्वारा ऐसी जाँच को 30 दिन के अंदर निस्तारित किये जाने का प्रविधान हैँ।
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