मऊ। विकास खंड रतनपुरा के राजकीय पशु चिकित्सालय गहनी का इलाकाई लोगो को यहां पर तैनात चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण लाभ नहीं मिलने की खबर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल के बाहर स्थित एक गुमटी पर बैठा व्यक्ति डॉक्टरों के निर्देश पर पशुओं को दवा वितरित करता है। ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में तैनात चिकित्सक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर पशुपालक डॉक्टरों से फोन पर संपर्क करते हैं, जिसके बाद अस्पताल के बाहर गुमटी पर दवाएं उपलब्ध करा दी जाती हैं और वहीं से पशुओं को दवा दी जाती है।

संवाददाता धर्मेंद्र राजभर अस्पताल का हाल जानने के लिए ज़ब अस्पताल गए तो उन्हें मौके पर देखने पर यह भी सामने आया कि कई बीघे क्षेत्र में फैले पशु चिकित्सालय परिसर में लगभग दस बड़ी इमारतें निर्मित हैं, जिनका आज तक विधिवत उद्घाटन नहीं हो सका है। इन भवनों की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। कई कमरों के दरवाजे, खिड़कियां और लोहे के जंगले गायब हैं। अधिकांश भवनों से दरवाजों के पल्ले उखाड़ लिए गए हैं और भवन खंडहर में तब्दील होते दिखाई दे रहे हैं।
अस्पताल में दो चिकित्सकों की तैनाती बताई जाती है, जिनकी तीन-तीन दिन की ड्यूटी निर्धारित है। इस संबंध में जब एक चिकित्सक से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे बेलौझा स्थित गौशाला में सचिव के निरीक्षण कार्यक्रम के कारण वहां मौजूद हैं। भवनों के दरवाजे और खिड़कियां गायब होने के संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सक ने कहा कि इस विषय में कई बार खंड विकास अधिकारी (BDO) तथा पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती है, जिसके कारण पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मामले के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर सायं 5:10 बजे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर स्थिति पर क्या कदम उठाता है और पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कब तक उपलब्ध हो पाती हैं।









