दिल्ली आबकारी घोटाला : सीबीआई की याचिका पर सभी आरोपिताें को जवाब देने के लिए मिला समय

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नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सभी आरोपितों को जवाब देने के लिए समय दे दिया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि सभी आरोपितों को याचिका की प्रति पहले ही तामील कर दी गई थी। उन्हें नोटिस भी तामील कर दिया गया है। तब कोर्ट ने कहा कि किसी का भी जवाब नहीं आया है। केजरीवाल के वकील एन. हरिहरन ने कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालयमें याचिका दायर की है कि मामला किसी दूसरे बेंच में लिस्ट किया जाए। तब मेहता ने कहा कि ये सुनवाई टालने का कोई आधार नहीं हो सकता है। अगर उन्होंने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है, तो उसे जल्द लिस्ट कराएं। तब हरिहरन ने कहा कि मैं उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री का इंचार्ज नहीं हूं। तब मेहता ने कहा कि इस पर जवाब सुनने की कोई जरुरत नहीं है, क्योंकि ये एक असाधारण आदेश है। ट्रायल कोर्ट का आदेश एक मिनट भी नहीं जारी रहना चाहिए। तब कोर्ट ने कहा कि उन्हें जवाब दाखिल करने दीजिए। तब हरिहरन ने कहा कि ये आदेश सीबीआई के पक्ष में नहीं है, इसलिए उन्हें ये आदेश गलत लग रहा है। उसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को करने का निर्देश दिया।

उच्च न्यायालय ने 9 मार्च को केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को नोटिस जारी किया था। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर किए गए प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दिया था। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया था कि वो दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले की आगे सुनवाई नहीं करें।

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राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट में पेश किए गए तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर, 2024 को तब रिहा हुए, जब उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के मामले में जमानत दी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च, 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई को उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून, 2024 को सरेंडर किया था। सीबीआई ने केजरीवाल को 26 जून, 2024 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई, 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें बीआरएस नेता के. कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपित बनाया गया है। कोर्ट ने 29 मई को छठी पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।

उच्चतम न्यायालय ने 27 अगस्त को बीआरएस नेता के. कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। केजरीवाल को सीबीआई के मामले में 13 सितंबर 2024 को नियमित जमानत दी थी। उसके पहले 12 जुलाई, 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।

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