बेंगलुरु। जिले की जनप्रतिनिधि विशेष काेर्ट ने धारवाड़ में भाजपा नेता की हत्या मामले में पूर्व मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी और 16 अन्य आरोपिताें को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। काेर्ट ने इसी मामले में एक पुलिस अधिकारी काे भी सात साल की कठाेर सजा
सुनाई है।
कर्नाटक के धारवाड़ में भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ की हत्या मामले में बेंगलुरु की विशेष जनप्रतिनिधि काेर्ट के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने आज अपना फैसला सुनाया है। काेर्ट ने हत्या और साजिश में विनय कुलकर्णी के अलावा विक्रम, कीर्ति कुमार, संदीप सवदत्ती, विनायक कटगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ मुदक, संतोष सवदत्ती, एम. दिनेश, एस. अश्वथ, के.एस. सुनील, नजीर अहमद, शहनवाज, के. नूतन, सी. हर्षित, चंद्रशेखर इंडी, चंद्रु मामा और विकास कलबुर्गी काे सजा सुनाई है। काेर्ट ने हत्या मामले में इन सभी काे आजीवन कारावास तथा आपराधिक साजिश के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। साथ ही काेर्ट ने इसी मामले में आराेपित एक पुलिस अधिकारी चन्नकेशव टिंकरिकर को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
धारवाड़ के सप्तपुर इलाके में स्थित जिम में 15 जून 2016 को भाजपा नेता योगेश गौड़ हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने जांच की और ‘बी रिपोर्ट’ दाखिल की थी। बाद में परिजनों की याचिका पर हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच दोबारा शुरू हुई और 2019 में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई जांच में इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और पूर्व नियोजित हत्या बताया। इसके बाद 2020 में सीबीआई ने विनय कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली, लेकिन 2025 में सबूतों को प्रभावित करने के आरोपों के चलते उनकी जमानत रद्द कर दी गई थी।
लंबी कानूनी प्रक्रिया और कई काेर्टाें की सुनवाई के बाद अब इस मामले में फैसला आया है। माना जा रहा है कि काेर्ट के इस फैसले से कर्नाटक की भविष्य की राजनीति में बड़ा असर दिख सकता है।









