टाइपिंग परीक्षा में असफल हाेने पर तीन कर्मचारी पदावनत : जिलाधिकारी

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में कलेक्ट्रेट में तैनात तीन कर्मचारियों को टाइपिंग परीक्षा में लगातार असफल रहने पर पदावनत कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया गया है। नियमों के अनुसार कार्य क्षमता और दक्षता अनिवार्य है, इसलिए बार-बार अवसर देने के बावजूद मानक पूरा न करने पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

यह जानकारी जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी है। कलेक्ट्रेट में तैनात तीन कनिष्ठ लिपिकों पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें बाबू के पद से हटाकर चपरासी बना दिया। इस कार्रवाई से दफ्तर में खलबली मच गई और अन्य कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई। अपर जिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बुधवार को बताया कि नेहा श्रीवास्तव, प्रेमनाथ यादव और अमित कुमार यादव को वर्ष 2023 में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। नियुक्ति के एक वर्ष के भीतर टाइपिंग परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है, जिसमें प्रति मिनट 25 शब्द टाइप करना जरूरी है।

वर्ष 2024 में पहली बार हुई परीक्षा में तीनों कर्मचारी असफल रहे, जिस पर प्रशासन ने वेतन वृद्धि रोकते हुए उन्हें एक और मौका दिया। इसके बावजूद वर्ष 2025 में दोबारा हुई परीक्षा में भी वे निर्धारित मानक हासिल नहीं कर सके। लगातार दूसरी बार असफल रहने पर प्रशासन ने नियमों के तहत कड़ा कदम उठाते हुए तीनों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिया। साथ ही उनकी वेतन वृद्धि भी रोकी गई

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