नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण का अंतरराष्ट्रीय रैकेट चलाने के मामले में कुख्यात जेफ्री एपस्टीन से उसका नाम जोड़ने वाले कंटेंट हटाने की मांग की है। उच्च न्यायालय इस याचिका पर 17 मार्च को सुनवाई कर सकता है।
हिमायनी पुरी ने खुद की छवि को बदनाम करने की एवज में 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। हिमायनी ने कहा है कि 22 फरवरी से पूरी दुनिया के विभिन्न आनलाइन प्लेटफार्म और विभिन्न अनजाने सोशल मीडिया पर उसका नाम कुख्यात एपस्टीन से जोड़ा जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स, गूगल, मेटा और लिंक्डइन इत्यादि पर उनकाे बदनाम करने वाले कंटेंट डाले गए हैं। इन आनलाइन कंटेंट में कहा जा रहा है कि हिमायनी पुरी रियल पार्टनर्स एलएलसी में काम करती थी। उस समय एपस्टीन और उसके सहयोगी रियल पार्टनर्स एलएलसी को फंडिंग करते थे।
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं, क्योंकि वो केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हैं, जो पहले इंडियन फॉरेन सर्विस में काम कर चुके हैं और अभी केंद्रीय कैबिनेट में एक वरिष्ठ पद पर हैं। कंटेंट में ये भी आरोप लगाया गया है कि रॉबर्ट मीलार्ड नामक व्यक्ति ने पुरी के साथ मिलकर लेहमैन ब्रदर्स के पतन की साजिश रची थी। हिमायनी पुरी ने कहा है कि ऑनलाइन कंटेंट में लगाए गए आरोप झूठ और तथ्यहीन हैं।








