शिक्षकों को स्थाई करने का आदेश वापस लेने पर रोक, मांगा जवाब

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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 के लेवल द्वितीय से जुडे मामले में याचिकाकर्ता शिक्षकों को स्थाई करने का आदेश वापस लेने और रिकवरी निकालने के विभागीय आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में शिक्षा सचिव, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और चित्तौडग़ढ़ डीईओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश देहूती शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया की भर्ती की लिखित परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट में विवाद आया था। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विशेषज्ञ कमेटी के जरिए विवादित प्रश्नों की जांच के बाद संशोधित परिणाम जारी करने को कहा। वहीं बाद में जारी संशोधित में याचिकाकर्ता बाहर हो गए। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने खंडपीठ में अपील दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने एकलपीठ का आदेश रद्द करते हुए अपीलार्थियों को सेवा में जारी रखने को कहा। याचिका में कहा गया कि इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपना परिवीक्षा काल पूरा कर लिया और विभाग ने उनका स्थायीकरण भी कर दिया। इसके बावजूद चित्तौडग़ढ़ डीईओ ने गत 12 मार्च को एक आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं को स्थायी करने के आदेश को वापस ले लिया। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि हाईकोर्ट की खंडपीठ पूर्व में ही याचिकाकर्ताओं को बाहर करने वाले एकलपीठ के आदेश को रद्द कर चुकी है और विभाग ने उन्हें दो साल की सेवा के बाद नियमित भी कर दिया था। ऐसे में अब उनका स्थायीकरण के आदेश को वापस लेना गलत है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने डीईओ के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

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